tujh ko ab koi shikaayat to nahin | तुझ को अब कोई शिकायत तो नहीं

  - Parveen Fana Syed
तुझकोअबकोईशिकायततोनहीं
येमगरतर्क-ए-मोहब्बततोनहीं
मेरीआँखोंमेंउतरनेवाले
डूबजानातिरीआदततोनहीं
तुझसेबेगानेकाग़महैवर्ना
मुझकोख़ुदअपनीज़रूरततोनहीं
खुलकेरोलूँतोज़राजीसँभले
मुस्कुरानाहीमसर्रततोनहीं
तुझसेफ़रहादकातेशाउठा
इसजुनूँपरमुझेहैरततोनहीं
फिरसेकहदेकितिरीमंज़िल-ए-शौक़
मेरादिलहैमिरीसूरततोनहीं
तेरीपहचानकेलाखोंअंदाज़
सरझुकानाहीइबादततोनहीं
  - Parveen Fana Syed
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