kya ghazab tu ne ai bahaar kiya | क्या ग़ज़ब तू ने ऐ बहार किया

  - Parveen Fana Syed
क्याग़ज़बतूनेबहारकिया
पत्तीपत्तीकोबे-क़रारकिया
अबतोसचबोलनेकीरस्मनहीं
किसनेफिरएहतिमाम-ए-दारकिया
आतिश-ए-दर्दमेंकमीहुई
लाखआँखोंकोअश्क-बारकिया
रौशनीकीतलाशमेंहमने
बारहाज़ुल्मतोंसेप्यारकिया
मौज-दर-मौजथेदुखोंकेभँवर
हमनेतन्हासभीकोपारकिया
जबबनायाथाचाँदइतनाहसीं
उसकाअंजामक्यूँँग़ुबारकिया
  - Parveen Fana Syed
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