कालीरातोंमेंफ़सील-ए-दर्दऊँचीहोगई
अंधीगलियोंमेंख़मोशीलाशबनकेसोगई
बर्फ़सेठंडेअँधेरोंकीसिसकतीगोदमें
मरतेलम्होंकीउदासीदिलमेंकाँटेबोगई
शहरकीसोतीछतेंहोंयाफ़सुर्दारास्ते
क़तराक़तरागिरतीशबनमसबकाचेहराधोगई
नींदमेंडूबेशजरसेचीख़तेपंछीउड़े
ख़ौफ़केमारेहवामेंकपकपीसीहोगई
इसअकेले-पनकेहाथोंहमतो'फ़िक्री'मरगए
वोसदाजोढूँडतीथीजंगलोंमेंखोगई