aankh patthar ki tarah aks se khaali hogii | आँख पत्थर की तरह अक्स से ख़ाली होगी

  - Parkash Fikri
आँखपत्थरकीतरहअक्ससेख़ालीहोगी
ख़ून-ए-नाहक़कीमगरजिस्मपेलालीहोगी
मिलकेबैठेंगेवहीलोगअधूरेआधे
फिरवहीमेज़वहीसर्दपियालीहोगी
ऐसेमौसममेंवोचुप-चापनज़रजोआया
उसनेआँखोंमेंकोईशक्लबसालीहोगी
मैंनेजोचीज़गँवादीउसेहीराकहके
किसीनादारमुसाफ़िरनेउठालीहोगी
उसकोलफ़्ज़ोंमेंउतारूँतोवरक़हूँरौशन
उसकीतस्वीरबनालूँतोमिसालीहोगी
मिलभीजाएमिरीख़्वाहिशकासिलाजोमुझको
रूहअपनीवहीमजबूरसवालीहोगी
यार'फ़िक्री'येचमकतेहुएजुगनूरखले
रातजंगलकीअभीऔरभीकालीहोगी
  - Parkash Fikri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy