teri sadaa ki aas men ik shaKHs roega | तेरी सदा की आस में इक शख़्स रोएगा

  - Parkash Fikri
तेरीसदाकीआसमेंइकशख़्सरोएगा
चेहराअँधेरीरातकाअश्कोंसेधोएगा
शोलेसितमकेलाएगीअबरातचाँदनी
सूरजबदनमेंधूपकेख़ंजरचुभोएगा
शहर-ए-ना-मुरादतुझेकुछख़बरभीहै
दरियादुखोंकेज़हरकातुझकोडुबोएगा
पर्बतगिरेगाटूटकेगहरेनशेबमें
कबतकजुमूदबर्फ़कावोबोझढोएगा
'फ़िक्री'तूअपनीबातकाअंदाज़तोबदल
वर्नाख़ज़ीनानामकाइकरोज़खोएगा
  - Parkash Fikri
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