hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Paras Angral
paas hona uskaa kaafi hota hai
paas hona uskaa kaafi hota hai | पास होना उसका काफ़ी होता है
- Paras Angral
पास
होना
उसका
काफ़ी
होता
है
यूँँही
तो
बस
जीना
काफ़ी
होता
है
हो
महल
गर
तो
भी
कम
पड़
जाता
है
रहने
को
इक
कमरा
काफ़ी
होता
है
ये
ज़रूरी
तो
नहीं
हासिल
भी
हो
चाँद
का
बस
दिखना
काफ़ी
होता
है
हँसने
को
तो
दुनिया
कम
पड़
जाती
है
रोने
को
इक
कंधा
काफ़ी
होता
है
ग़ैरों
पर
पारस
यक़ीं
हो
जाता
है
धोखे
को
इक
अपना
काफ़ी
होता
है
- Paras Angral
Download Ghazal Image
तेरे
होने
से
रौशनी
होगी
वर्ना
तो
दिन
में
तीरगी
होगी
ज़िन्दगी
जिस
तरह
हुई
रुख़्सत
उसकी
भी
कोई
बेबसी
होगी
मैं
इसी
सम्त
ही
तो
बैठा
हूँ
तेरी
जिस
सम्त
वापसी
होगी
तेरे
क़दमों
की
आहटें
अब
भी
इन
दरख़्तों
ने
रख
रखी
होगी
चुप
रहा
मैं
तो
बस
इसी
ख़ातिर
तू
समझ
लेगा
दोस्ती
होगी
तेरे
आने
का
वक़्त
क्या
देखें
ये
घड़ी
ख़ुद
ही
गिन
चुकी
होगी
और
तो
साथ
क्या
रहा
पारस
साथ
तेरे
तो
बेरुख़ी
होगी
Read Full
Paras Angral
Download Image
1 Like
गर
न
मेरी
आँखें
होती
क्या
मुझे
फिर
पैसा
दिखता
Paras Angral
Send
Download Image
0 Likes
आज
मैं
जो
घुटनों
पर
हूँ
मेरा
क़द
तुम
सेे
ऊँचा
है
Paras Angral
Send
Download Image
1 Like
भूलने
में
जो
ज़माने
लगे
ख़्वाब
में
वो
लोग
आने
लगे
नज़रें
नहीं
मिल
रहीं
उनकी
अब
कुछ
है
जो
हम
सेे
छुपाने
लगे
बदली
है
रुत
तो
ये
आया
नज़र
पंछी
नए
घर
बसाने
लगे
वक़्त
के
धागे
से
सिलते
नहीं
ज़ख़्म
जो
दिल
पर
पुराने
लगे
देखना
था
बाग़ी
है
कौन
कौन
दोस्तों
को
आज़माने
लगे
Read Full
Paras Angral
Download Image
3 Likes
मसअला
दिल
का
कभी
हल
न
हुआ
एक
वो
शे'र
मुकम्मल
न
हुआ
शख़्स
ऐसा
न
अता
करना
ख़ुदा
आज
मेरा
हुआ
पर
कल
न
हुआ
मसअला
गर
जुदा
होने
का
था
बे-वफ़ाई
तो
कोई
हल
न
हुआ
आज़माना
था
तुझे
भी
जहाँ
ने
इस
में
क्या
आज
तू
अव्वल
न
हुआ
उसकी
आँखों
को
था
तकना
पारस
और
ये
काम
मुसलसल
न
हुआ
Read Full
Paras Angral
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aazaadi Shayari
Beqarari Shayari
Bhai Shayari
Diversity Shayari
Bekhudi Shayari