kar sair apne dil ki hai noor ka tamasha | कर सैर अपने दिल की है नूर का तमाशा

  - Pandit Jawahar Nath Saqi
करसैरअपनेदिलकीहैनूरकातमाशा
हाँदेखबनकेमूसाइसतूरकातमाशा
नाज़िरवहीनज़रभीमंज़ूरभीवहीहै
नज़्ज़ारेकाहैमज़हरमंज़ूरकातमाशा
येक़ुर्बबोदक्याहैतक़रीब-ए-मा-सिवाहै
हैतर्क-ए-मा-सिवामेंयेदूरकातमाशा
सूरतकाशेफ़्ताहोज़ाहिरहोहर्फ़मा'नी
मंसूरकीहैसूरतमंसूरकातमाशा
तामीर-ए-वक़्तमेंहैवीरानी-ए-वसावस
वीराँ-कदेमेंदेखामा'मूरकातमाशा
ख़ुम-ख़ानाइश्क़काहैपीर-ए-मुग़ाँकीसोहबत
रिंदान-ए-मस्तदेखामख़मूरकातमाशा
अरिनी-ओ-लन-तरानीहैसिर्र-ए-इश्क़'साक़ी'
राज़-ओ-नियाज़मेंहैमस्तूरकातमाशा
  - Pandit Jawahar Nath Saqi
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