ham se jo ahd tha vo ahd-shikan bhool gaya | हम से जो अहद था वो अहद-शिकन भूल गया

  - Pandit Jawahar Nath Saqi
हमसेजोअहदथावोअहद-शिकनभूलगया
अपनेउश्शाक़कोवोग़ुंचा-दहनभूलगया
क़ैसकाजलवा-ए-लैलाजोहुआहोश-रुबा
वोसरासीमाहुआनज्दकाबनभूलगया
क्याकरिश्मायेतिरीचश्म-ए-सुख़न-गोनेकिया
किसकीजानिबथामिरारू-ए-सुख़नभूलगया
ख़ारख़ार-ए-ग़म-ए-उल्फ़तनेकियाराहग़लत
तेरामदहोश-ए-नज़रराह-ए-चमनभूलगया
निगह-ए-शौक़नेदीवानाबनायामुझको
कुछख़बरअपनीनहींहैहमा-तनभूलगया
होगयाहोश-रुबाहुस्न-ए-फ़रेब-ए-आलम
नलजोबाज़ीमेंलगाइश्क़-ए-दमनभूलगया
शौक़-ओ-रमतेरेजोदेखेहैंग़ज़ाल-ए-रअना
चौकड़ीअपनीबयाबाँमेंहिरनभूलगया
सैर-ए-गुलज़ारमेंहैमहव-ए-तमाशावोगुल
बुलबुल-ए-शेफ़्ताकोग़ुंचा-दहनभूलगया
सब्ज़ा-ए-ख़तनेतिरेराहमेंघेरामुझको
ग़र्क़मैंहोसकाचाह-ए-ज़क़नभूलगया
महवहोताहीनहींइसकाकभीदिलसेख़याल
यादकरताहीनहींमुश्फ़िक़-ए-मनभूलगया
शाहिद-ए-मस्तनेसरमस्तकियाहै'साक़ी'
हमवोमदहोशहुएरंग-ए-सुख़नभूलगया
  - Pandit Jawahar Nath Saqi
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