waah kya ham ko banaya aur banaa kar rah ga.e | वाह क्या हम को बनाया और बना कर रह गए

  - Pandit Jawahar Nath Saqi
वाहक्याहमकोबनायाऔरबनाकररहगए
वस्लकामुज़्दासुनायाऔरसुनाकररहगए
लेगयाशौक़उसकेदरतकफिरकमीहिम्मतनेकी
हल्क़ा-ए-दरकोहिलायाऔरहिलाकररहगए
मैंनेजोअपनेदिल-ए-गुम-गश्ताकीपूछीख़बर
सरहिलायामुस्कुराएमुस्कुराकररहगए
ग़ैरत-ए-दुश्मनकीख़ातिरमेरीग़ैरतलाईरंग
मुझकोमहफ़िलमेंबुलायाऔरबुलाकररहगए
कामरोनेसेभी'साक़ी'अपनाकुछनिकलानहीं
लिक्खाक़िस्मतकामिटायाऔरमिटाकररहगए
  - Pandit Jawahar Nath Saqi
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