agar itnaa na tu ayyaar hota | अगर इतना न तू अय्यार होता

  - Pandit Jawahar Nath Saqi
अगरइतनातूअय्यारहोता
तोदुश्मनकाहरगिज़यारहोता
दुईकानक़्शमिटतादिलसेकाश
मय-ए-वहदतसेमैंसरशारहोता
जोहोतेआज-कलक़ैसऔरफ़रहाद
मैंउनकाक़ाफ़िला-सालारहोता
होतागरतिरातालिबजहाँमें
तोमैंपाबंद-ए-नंग-ओ-आरहोता
लगाएचाटपरहैंउसकोदुश्मन
इलाहीमैंभीकुछज़रदारहोता
अगरहोतामुझेपासआबरूका
तेराआशिक़-ए-दीदारहोता
तड़पताहैक़फ़समेंताइर-ए-दिल
निकलजाताअगरपर-दारहोता
तमन्नादिलकी'साक़ी'जबनिकलती
अगरमुँहसेकुछइज़हारहोता
  - Pandit Jawahar Nath Saqi
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