hamaara husn-e-ta'alluq vafaa bane na bane | हमारा हुस्न-ए-तअल्लुक़ वफ़ा बने न बने

  - Pandit Jawahar Nath Saqi
हमाराहुस्न-ए-तअल्लुक़वफ़ाबनेबने
वोइश्वा-संजहैफ़र्रूख़-लिक़ाबनेबने
चलेहैंशौक़मेंहमया-ख़ुदाबनेबने
वोक्यासुलूककरेदिल-रुबाबनेबने
कियातसव्वुर-ए-मक़्सूदनेहमेंहैराँ
येमुंतहा-ए-नज़रमुद्दआ'बनेबने
सफ़ीनाबहर-ए-तअ'श्शुक़मेंअबतोडालचुका
जोआश्नाहैमिराना-ख़ुदाबनेबने
फ़रेब-ए-जल्वाहैनक़्श-ओ-निगारफ़ितरतमें
जोमहव-ए-दीदहोहैरत-अदाबनेबने
शहीद-ए-कैफ़-ए-तमन्नाहैआशिक़-ए-बेताब
बहार-ए-हुस्न-ए-सफ़ाहम-नवाबनेबने
फ़ुसूँख़यालहैतहरीक-ए-शौक़-ए-रानाई
वोमस्त-ए-नाज़मिराख़ुद-नुमाबनेबने
बंधीहैख़ंदा-ए-ज़ेर-ए-लबीसेकुछउम्मीद
वोज़ूद-रंजहैज़ूद-आश्नाबनेबने
वोजज़्ब-ए-क़ल्बकेनैरंगकाहुआक़ाइल
हमाराआइनाहैरत-नुमाबनेबने
कभीतोजाम-ए-इनायतकाहोग़नी'साक़ी'
येबे-नियाज़तिराबे-नवाबनेबने
  - Pandit Jawahar Nath Saqi
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