kar ke qaul-o-qaraar kya kehna | कर के क़ौल-ओ-क़रार क्या कहना

  - Pandit Jagmohan Nath Raina Shauq
करकेक़ौल-ओ-क़रारक्याकहना
फ़रामोश-कारक्याकहना
होकेनादिमगुनहसेपाकहुआ
वाहरेशर्मसारक्याकहना
कामबिगड़ेतूहीबनाताहै
मिरेकिर्दगारक्याकहना
ख़ूबतूनेसुनीलगीदिलकी
वाहरेग़म-गुसारक्याकहना
दिनकोतारेदिखादिएतूने
शब-ए-इंतिज़ारक्याकहना
ख़ाकमेंभीमिलाकेज़ालिम
कियाए'तिबारक्याकहना
दिल-ए-हसरत-ज़दारहारहा
उसकाक़ौल-ओ-क़रारक्याकहना
उससेहाल-ए-ग़म-ए-दिल-ए-मज़लूम
जोहोशर्मसारक्याकहना
बा-वफ़ाईभीतेरीदिल-ए-ज़ार
रहगईयादगारक्याकहना
सुनेएकबारजोदिलकी
उससेफिरबारबारक्याकहना
ख़ुमकेख़ुम'शौक़'करदिएख़ाली
मिरेबादा-ख़्वारक्याकहना
  - Pandit Jagmohan Nath Raina Shauq
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