na ai dil soorat-e-sheikh-e-haram deew | न ऐ दिल सूरत-ए-शैख़-ए-हरम दीवाना बन जाना

  - Pandit Jagmohan Nath Raina Shauq
दिलसूरत-ए-शैख़-ए-हरमदीवानाबनजाना
कहींआनाजानाज़ाएर-ए-बुत-ख़ानाबनजाना
तुम्हारीदीदा-ए-मख़मूरकोयेख़ूबआताहै
कभीशीशाकभीसाग़रकभीपैमानाबनजाना
अजबआलमहैमद-होशोंकातेरीजोश-ए-मस्तीमें
कभीदीवानाबनजानाकभीमस्तानाबनजाना
दिल-ए-सोज़ाँदिखानाजल्वाहुस्न-ओ-इश्क़दोनोंका
कहींशम-ए-शबिस्ताँऔरकहींपरवानाबनजाना
येथीतल्क़ीन-ए-साक़ीवक़्त-ए-रुख़्सतअपनीमस्तोंको
कहींदीवानाबनजानाकहींफ़रज़ानाबनजाना
उसीमेंकुछमफ़रअपनानज़रआयाहसीनोंको
किजाकरदेरमेंचुपकेबुत-ए-बुत-ख़ानाबनजाना
करिश्मेंहैंयेसारेजलवा-ए-हुस्न-ए-हक़ीक़ीके
कहीं'आशिक़कहींअंदाज़-ए-माशूक़ानाबनजाना
नवा-ए-राज़साज़-ए-इश्क़बे-ख़ुदक्यूँँकरडाले
किहरपर्देसेआतीहैसदादीवानाबनजाना
यहीइबरत-सरा-ए-दहरकाहररोज़नक़्शाहै
कहींकाशानाहोजानाकहींवीरानाबनजाना
ख़बरकिसकोथीयूँँआलममेंरुस्वाईमिरीहोगी
किउन्वान-ए-मोहब्बतकोभीथाअफ़्सानाबनजाना
येआलमबेख़ूदी-ए-इश्क़का'शौक़'क्याकहिए
तसव्वुरमेंकिसीकेआपसेबेगानाबनजाना
  - Pandit Jagmohan Nath Raina Shauq
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