raushni bhar khala pe baar the ham | रौशनी भर ख़ला पे बार थे हम

  - P P Srivastava Rind
रौशनीभरख़लापेबारथेहम
धुँदमंज़रपस-ए-ग़ुबारथेहम
धूपमेंआएतोसुकूनमिला
छाँवमेंथेतोदाग़दारथेहम
कोईदस्तककोईआहटथी
मुद्दतोंवहमकेशिकारथेहम
बुत-गरीमेंहुनरभीशामिलथा
संग-साज़ीसेहोशियारथेहम
क़र्ज़कोईभीजिस्मजाँपेथा
ज़िंदगीपरमगरउधारथेहम
ज़ुल्मतेंतोचराग़-ए-ख़ेमाथीं
ख़ल्वतोंकेगुनाहगारथेहम
फ़िक्रमअ'नीतलाज़
मेंतश्बीह
ग़ज़लतेरेजाँ-निसारथेहम
'रिंद'थाबेकसीकालुत्फ़अजीब
घरमेंरहकरभीबे-दयारथेहम
  - P P Srivastava Rind
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