मानाकिज़लज़लाथायहाँकमबहुतहीकम
बस्तीमेंबचगएथेमकाँकमबहुतहीकम
मेरेलहूकाज़ाइक़ाचखतारहाथादर्द
तन्हाइयाँथींरातजहाँकमबहुतहीकम
काँटोंकोसींचतीरहीपरछाइयोंकीफ़स्ल
जबधूपकाथानाम-ओ-निशाँकमबहुतहीकम
आँगनमेंधूपधूपकोओढ़ेउदासियाँ
घरमेंथेज़िंदगीकेनिशाँकमबहुतहीकम
मफ़्लूजरातकर्बकेबिस्तरपेलेटकर
करतीहैअबतोआह-ओ-फ़ुग़ाँकमबहुतहीकम
क्यूँँदोस्तोंकीभीड़सेघबरानजाएदिल
दुश्मनतोरहगएहैंयहाँकमबहुतहीकम
हमजबसेपत्थरोंकीतिजारतमेंलगगए
हैदोस्ती-ए-शीशा-गराँकमबहुतहीकम
इतनीअज़ीयतोंसेगुज़रनेकेबाद'रिंद'
ख़ुदपरहैज़िंदगीकागुमाँकमबहुतहीकम