siyaah kamre men jab subh ka ujaala hua | सियाह कमरे में जब सुब्ह का उजाला हुआ

  - Osama Khalid
सियाहकमरेमेंजबसुब्हकाउजालाहुआ
ज़मीन-बोसहुआमैंफ़लकसेटपकाहुआ
तुमआफ़्ताबकोकिरनोंकीभीकदेतीहुई
मैंएकशबकेअँधेरेमेंसाँसलेताहुआ
ज़मींपेफैलीहुईधूपउसशरारेकी
औरएकसायामिरेसाथसाथबुझताहुआ
किसीनेनींदपहनलीकिसीकीउतरीहुई
किसीनेख़्वाबउठायाकिसीकाफेंकाहुआ
येपहलीबारकोईजंगरासआईमुझे
मैंइसतकगयादुश्मनशुमारहोताहुआ
उदासबैठीहुईधूपसुस्तनावमेंहै
दरून-ए-दरियाकोईजिस्मतिलमिलाताहुआ
  - Osama Khalid
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