daroon-e-khwaab koi shakl muskuraati hai | दरून-ए-ख़्वाब कोई शक्ल मुस्कुराती है

  - Osama Khalid
दरून-ए-ख़्वाबकोईशक्लमुस्कुरातीहै
मैंचुपरहूँतोमिरेसाथगुनगुनातीहै
क़ज़ासेउलझेहुएसोगवारहाथोंमें
हमारेनामकीमेहंदीलगाईजातीहै
येरुख़्सतीकासमयभीअजबहैआख़िर-ए-शब
किचूड़ियोंकीखनकऔरबढ़तीजातीहै
जमालऔरकिसीकाहैमेरेचेहरेपर
बदनमेंऔरकोईरूहतिलमिलातीहै
येरातसहमीसिसकतीहुईदुल्हनकीतरह
लिपटतीजातीहैशर्मिंदाहोतीजातीहै
  - Osama Khalid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy