kabhi hota hai pareshaan kabhi sharmaata hai | कभी होता है परेशाँ कभी शरमाता है

  - Osama Khalid
कभीहोताहैपरेशाँकभीशरमाताहै
आईनामेरेख़द-ओ-ख़ालसेघबराताहै
रेंगतेरेंगतेइकआहमुझेखींचतीहै
औरइकख़ौफ़मिरेजिस्ममेंदरआताहै
ख़ुदभीमैंख़ाक-ज़दाख़स्ताबदनहूँमुझे
अपनेकश्कोलकीहालतपेतरसआताहै
यक-ब-यकएकचराग़अपनीतरफ़खींचताहूँ
अज़दहादेखताहैऔरलिपटजाताहै
कितनामानूसहैमुझसेतिरेहोंटोंकासुकूत
मुस्कुराऊँतोमिरेहल्क़तकजाताहै
रफ़्तारफ़्तामुझेझिंझोड़ताहैसब्ज़-ए-ख़ुदा
जैसेदीमककोईलकड़ीकीग़िज़ाखाताहै
शामकेवक़्तलहूरंग-ए-मोहब्बतकीतरह
कोईआताहैरुलाताहैचलाजाताहै
  - Osama Khalid
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