jahaan-e-giryaa jo aadam ko khuld ka dukh hai | जहान-ए-गिर्या जो आदम को ख़ुल्द का दुख है

  - Osama Khalid
जहान-ए-गिर्याजोआदमकोख़ुल्दकादुखहै
इसीलिहाज़सेधरतीहवाख़लादुखहै
कभीफ़िराक़कीरातोंमेंआइनादेखूँ
तोख़ुदसेकहताहूँदेखोयेआइनादुखहै
शदीदरोनातोअंदरकाहब्सघुटनाहै
खिचावहँसनेसेपड़ताहैक़हक़हादुखहै
ज़मीनगोलहैमेरीवफ़ातनेखोला
किदोस्तअम्मीसेकहतेथेयेबड़ादुखहै
मैंबाँझपेड़हूँसायाफलमिरेऊपर
मुझेसमयदेकभीपूछमुझकोक्यादुखहै
तमामख़ुशियाँइकट्ठीथींएकदुखकेगिर्द
उन्हेंधकेलकेचीख़ाहटोमिरादुखहै
मैंख़ुदसेजंगमेंहाराहुआसिपाहीहूँ
किजिसकाराब्तानंबरअता-पतादुखहै
  - Osama Khalid
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