kuchh bholi aur kuchh teekhi aawaazen hain | कुछ भोली और कुछ तीखी आवाज़ें हैं

  - Osama Khalid
कुछभोलीऔरकुछतीखीआवाज़ेंहैं
जैसेचेहरेहैंवैसीआवाज़ेंहैं
इकततहीरसेआरीजिस्मकापुर्साहैं
ख़ौफ़मेंलिपटीजितनीभीआवाज़ेंहैं
चारों-जानिबघोरअँधेराहैजिसमें
आठोंजानिबसुननेकीआवाज़ेंहैं
ऐसामहवहूँख़ामोशीकोसुननेमें
मानोमुझसेपहलेकीआवाज़ेंहैं
घूररहाहूँकानोंकीवीरानीको
चीख़रहाहूँक्यागूँगीआवाज़ेंहैं
इतनीवहशततारीहुईकिभूलगए
येतोअपनीइमदादीआवाज़ेंहैं
चौंकरहाहूँमेरेवीराँकमरेमें
कोईनहींहैफिरकैसीआवाज़ेंहैं
आवाज़ोंकाजमनाइससेसाबितहै
जैसेहमख़ामोशीकीआवाज़ेंहैं
दोस्तहमारेपासइज़ाफ़ीकुछभीनहीं
मरतीसिसकियाँहैंदबतीआवाज़ेंहैं
  - Osama Khalid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy