bhoola-bisra vaqt phir mehmaan hai | भूला-बिसरा वक़्त फिर मेहमान है

  - Om Prabhakar
भूला-बिसरावक़्तफिरमेहमानहै
फिरवहीआँगनवहीदालानहै
एककमराहैकहींजिसमेंनिहाँ
मेरेबचपनकासर-ओ-सामानहै
बुत-कदेमेंजोभीहैपत्थरकाहै
औरपत्थरकाख़ुदाइंसानहै
बे-तरहमुश्किलहैतुझकोदेखना
सोचनालेकिनबड़ाआसानहै
जलउठाक्यूँँ-करमिरेदिलकाचराग़
जबकिसालोंसेयेघरवीरानहै
कबतुझेभूलानहींयादरहा
हाँतिरेहोनेकामुझकोध्यानहै
  - Om Prabhakar
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