sad-haif ki kamzor hai chashmaan budhaapa | सद-हैफ़ कि कमज़ोर है चश्मान बुढ़ापा

  - Obaidullah Khan Mubtala
सद-हैफ़किकमज़ोरहैचश्मानबुढ़ापा
सुस्तीसतीजुम्बिशमेंहैदंदानबुढ़ापा
अज़बस-किहुआहैगागुज़रफ़स्ल-ए-ख़िज़ाँका
रौनक़नहींरखताहैगुलिस्तानबुढ़ापा
अरबलकेभँवरमेंगईहैडूबजवानी
जिसवक़्तउठाजगमनेतूफ़ानबुढ़ापा
तस्बीह-ओ-मुसल्ला-ओ-असाऐनक-ओ-रा'शा
जोबननेदियाभेजयेसामानबुढ़ापा
ग़फ़लतकीरुईदूरकीशीशा-ए-दिलसूँ
मय-ख़ानेमेंमस्ताँनेसुनइलहानबुढ़ापा
अशआ'रहैंता'रीफ़सपेदीकीसरापा
इसवास्तेरंगींनहींदीवानबुढ़ापा
जोबनकेभवनमेंलगीहैआतिश-ए-गर्मी
छिड़केहैतहूरआबज़मिस्तानबुढ़ापा
गर्दूंकीतरहख़महुआक़दक़ौस-ए-क़ुज़हका
खींचाहैमगरज़ोफ़सूँकैवानबुढ़ापा
अमराज़कीअफ़्वाजकायूरिशहैबदनपर
इसमुल्कमेंमग़्लूबहैसुलतानबुढ़ापा
अबबुलबुल-ए-जाँतंगहुआतनकेक़फ़समें
पर्वाज़करेदेखकेज़िंदानबुढ़ापा
लज़्ज़तनहींदेताहैदहनबीचकसूके
'मुबतला'क्यासर्दहैगानानबुढ़ापा
  - Obaidullah Khan Mubtala
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