khoob hai 'aashiq soon mil rahna sajan | ख़ूब है 'आशिक़ सूँ मिल रहना सजन

  - Obaidullah Khan Mubtala
ख़ूबहै'आशिक़सूँमिलरहनासजन
लाडउसकाहरघड़ीसहनासजन
अपनीख़ातिरसूँदियामुझकूँबिसार
क्यायहीथातुझसेतीकहनासजन
रास्तीसेतुझकूँकरनाहैनिबाह
हाथजोपकड़ामिरादहनासजन
मतपहनज़ेवरअपससिंगारकूँ
मेहर-ओ-महकूँऐबहैगहनासजन
दिलनेहुश्यारीकीकपड़ेफाड़कर
ख़िलअ'त-ए-दीवानगीपहनासजन
आशिक़ाँकाकामहैज्यूँँख़ार-ओ-ख़स
शौक़केदरियाओंमेंबहनासजन
'मुबतला'कूँखोकिपचतावेगातूँ
हैमुझेवाजिबइताकहनासजन
  - Obaidullah Khan Mubtala
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