miTTi tha main khameer tire naaz se utha | मिट्टी था मैं ख़मीर तिरे नाज़ से उठा

  - Obaidullah Aleem
मिट्टीथामैंख़मीरतिरेनाज़सेउठा
फिरहफ़्त-आसमाँमिरीपर्वाज़सेउठा
इंसानहोकिसीभीसदीकाकहींकाहो
येजबउठाज़मीरकीआवाज़सेउठा
सुब्ह-ए-चमनमेंएकयहीआफ़्ताबथा
इसआदमीकीलाशकोएज़ाज़सेउठा
सौकरतबोंसेलिख्खागयाएकएकलफ़्ज़
लेकिनयेजबउठाकिसीएजाज़सेउठा
शहसवार-ए-हुस्नयेदिलहैयेमेरादिल
येतेरीसर-ज़मींहैक़दमनाज़सेउठा
मैंपूछलूँकिक्याहैमिराजब्रइख़्तियार
या-रबयेमसअलाकभीआग़ाज़सेउठा
वोअब्रशबनमीथाकिनहलागयावजूद
मैंख़्वाबदेखताहुआअल्फ़ाज़सेउठा
शाएरकीआँखकावोसिताराहुआ'अलीम'
क़ामतमेंजोक़यामतीअंदाज़सेउठा
  - Obaidullah Aleem
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