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Nit
hasratein kyuuñ hazaar karte ho
hasratein kyuuñ hazaar karte ho | हसरतें क्यूँ हज़ार करते हो
- Nit
हसरतें
क्यूँ
हज़ार
करते
हो
प्यार
क्यूँ
बेशुमार
करते
हो
तोहफ़ा
तो
ख़ूब
है
तुम्हारा
ये
नाज़
जिसपे
हज़ार
करते
हो
हम
मोहब्बत
नहीं
समझते
हैं
कौन
सा
तुम
ख़ुमार
करते
हो
अब
चलो
इश्क़
में
उतरते
हैं
साथ
दरिया
ये
पार
करते
हो
साथ
देना
मिरा
हमेशा
तुम
हाँ
अगर
ऐतिबार
करते
हो
- Nit
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मुतअस्सिर
हैं
यहाँ
सब
लोग
जाने
क्या
समझते
हैं
नहीं
जो
यार
शबनम
भी
उसे
दरिया
समझते
हैं
हक़ीक़त
सारी
तेरी
मैं
बता
तो
दूँ
सर-ए-महफ़िल
मगर
ये
लोग
सारे
जो
तुझे
अच्छा
समझते
हैं
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Nirvesh Navodayan
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वो
इतना
शांत
दरिया
था
मगर
जब
गया
तो
ले
गया
सब
कुछ
बहा
के
Siddharth Saaz
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जो
उस
तरफ़
से
इशारा
कभी
किया
उस
ने
मैं
डूब
जाऊंगा
दरिया
को
पार
करते
हुए
Ghulam Murtaza Rahi
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मुहब्बत
आपसे
करना
कभी
आसाँ
नहीं
था
पर
बिना
कश्ती
के
दरिया
पार
करना
शौक़
है
मेरा
Tanoj Dadhich
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तूफ़ानों
से
आँख
मिलाओ
सैलाबों
पे
वार
करो
मल्लाहों
का
चक्कर
छोड़ो
तैर
के
दरिया
पार
करो
Rahat Indori
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बहुत
ग़ुरूर
है
दरिया
को
अपने
होने
पर
जो
मेरी
प्यास
से
उलझे
तो
धज्जियाँ
उड़
जाएँ
Rahat Indori
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उसी
वक़्त
अपने
क़दम
मोड़
लेना
नदी
पार
से
जब
इशारा
करूँँगा
Siddharth Saaz
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इतने
कहाँ
नसीब
कि
इस
सेे
प्यास
बुझाएँ
खेल
करें
दरिया
हम
जैसों
को
अपने
पास
बिठा
ले
काफ़ी
है
Vashu Pandey
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तिरे
एहसास
में
डूबा
हुआ
मैं
कभी
सहरा
कभी
दरिया
हुआ
मैं
Siraj Faisal Khan
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मंज़र
बना
हुआ
हूँ
नज़ारे
के
साथ
मैं
कितनी
नज़र
मिलाऊँ
सितारे
के
साथ
मैं
दरिया
से
एक
घूँट
उठाने
के
वास्ते
भागा
हूँ
कितनी
दूर
किनारे
के
साथ
मैं
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Khalid Sajjad
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मुझ
को
ये
कर
जाना
होगा
अब
हद
से
गुज़र
जाना
होगा
हर
दर्द
को
नित
पीना
होगा
ख़ुद
से
भी
मुकर
जाना
होगा
साहिल
पे
ठहर
कर
क्या
लेंगे
तूफ़ान
में
तर
जाना
होगा
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ख़ुदाई
न
करना
दुहाई
न
करना
हमारे
लिए
अब
सफ़ाई
न
करना
जो
तुमने
किया
है
वो
सब
जानता
हूँ
क़सम
खा
के
भी
बे-वफ़ाई
न
करना
सुलगते
हैं
अब
तक
वो
लम्हे
हमारे
इन
आँखों
में
झूटी
नुमाई
न
करना
अगर
फिर
से
मिलना
हो
तक़दीर
में
भी
तबीअत
से
आना
रिवाई
न
करना
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किसने
कहा
यार
ज़िंदा
हूँ
मैं
हारा
हुआ
इक
परिंदा
हूँ
मैं
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उसकी
फ़रियाद
में
मरे
हम
बे-वफ़ा
की
याद
में
मरे
हम
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पैरो
में
उसके
जो
पायल
है
उसपे
ही
दिल
मेरा
घाइल
है
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