maara hai gham ne is qadar | मारा है ग़म ने इस क़दर

  - NISHKARSH AGGARWAL
माराहैग़मनेइसक़दर
रोएख़ुशीयेदेखकर
दिलधड़केहैजोरोंसेक्यूँँ
जबदेखेंवोयूँंइकनज़र
ढूढोंकिधरवोहैगया
आँगनमेंथाजोइकशजर
देखातोइनआँखोंनेथा
फिरक्यूँँहुआदिलपेअसर?
सबकुछगुज़रजाताहैतो
माज़ीमिरेतूभीगुज़र
खोयारहामैंइसकदर
ढूंढेंमुझेमेराहीघर
मंजिलसभीकीमौतहै
हैज़िन्दगीबसइकसफ़र
  - NISHKARSH AGGARWAL
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