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NISHKARSH AGGARWAL
suna hai raat din rote ho hairat hai
suna hai raat din rote ho hairat hai | सुना है रात दिन रोते हो हैरत है
- NISHKARSH AGGARWAL
सुना
है
रात
दिन
रोते
हो
हैरत
है
अभी
तक
तुम
नहीं
बदले
हो
हैरत
है
कभी
माँ
को
ख़ुदा
समझा
नहीं
तुमने
सनम
को
तुम
ख़ुदा
कहते
हो
हैरत
है
- NISHKARSH AGGARWAL
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इस
सादगी
पे
कौन
न
मर
जाए
ऐ
ख़ुदा
लड़ते
हैं
और
हाथ
में
तलवार
भी
नहीं
Mirza Ghalib
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देवताओं
का
ख़ुदास
होगा
काम
आदमी
को
आदमी
दरकार
है
Firaq Gorakhpuri
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माँ
बाप
और
उस्ताद
सब
हैं
ख़ुदा
की
रहमत
है
रोक-टोक
उन
की
हक़
में
तुम्हारे
नेमत
Altaf Hussain Hali
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हम
नहीं
वो
जो
करें
ख़ून
का
दावा
तुझ
पर
बल्कि
पूछेगा
ख़ुदा
भी
तो
मुकर
जाएँगे
Sheikh Ibrahim Zauq
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रहता
है
इबादत
में
हमें
मौत
का
खटका
हम
याद-ए-ख़ुदा
करते
हैं
कर
ले
न
ख़ुदा
याद
Akbar Allahabadi
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गुनाहगार
को
इतना
पता
तो
होता
है
जहाँ
कोई
नहीं
होता
ख़ुदा
तो
होता
है
Waseem Barelvi
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तुम्हारा
तो
ख़ुदास
राबता
है
तो
देखो
ना,
हमारे
दुख
बता
कर
Siddharth Saaz
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वक़्त
ए
इफ़्तार
ख़ुद
रब
था
मेरे
क़रीब
तुझ
से
बढ़
कर
मगर
कुछ
न
माँगा
गया
Afzal Ali Afzal
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किसी
के
तुम
हो
किसी
का
ख़ुदा
है
दुनिया
में
मेरे
नसीब
में
तुम
भी
नहीं
ख़ुदा
भी
नहीं
Akhtar Saeed Khan
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मुहब्बत
में
हमने
सियासत
न
की
तभी
इश्क़
में
कोई
बरकत
न
की
उसे
मानता
था
मैं
अपना
ख़ुदा
कभी
उसकी
लेकिन
इबादत
न
की
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RAJAT AWASTHI
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मारा
है
ग़म
ने
इस
क़दर
रोए
ख़ुशी
ये
देख
कर
दिल
धड़के
है
जोरों
से
क्यूँँ
जब
देखें
वो
यूँं
इक
नज़र
ढूढों
किधर
वो
है
गया
आँगन
में
था
जो
इक
शजर
देखा
तो
इन
आँखों
ने
था
फिर
क्यूँँ
हुआ
दिल
पे
असर?
सब
कुछ
गुज़र
जाता
है
तो
माज़ी
मिरे
तू
भी
गुज़र
खोया
रहा
मैं
इस
कदर
ढूंढें
मुझे
मेरा
ही
घर
मंजिल
सभी
की
मौत
है
है
ज़िन्दगी
बस
इक
सफ़र
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NISHKARSH AGGARWAL
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जीने
को
कौन
कमबख़्त
जीता
है
यार
हम
तो
जीते
हैं
इक
रोज़
मर
जाने
को
NISHKARSH AGGARWAL
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इन
दीवारों
की
भी
आँखें
आ
जाती
हैं
मेरे
पहलू
से
जब
यादें
आ
जाती
हैं
सँभलने
लगता
हूँ
जब
भी
मैं
यारों
तब
दिन
को
धमका
के
ये
रातें
आ
जाती
हैं
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NISHKARSH AGGARWAL
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वो
कह
रहें
हैं
सब
सहीं
है
देख
तो
मैं
कह
रहा
हूँ
देख
मुझ
को
छोड़
कर
NISHKARSH AGGARWAL
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इतना
उदास
भी
न
करो
मुझको
दोस्तों
मेरे
दुखों
को
तुम
भी
कभी
समझो
दोस्तों
गर
कोई
बेसुरा
भी
सुरीला
लगे
तुम्हें
उस
सेे
तुम्हें
है
प्यार
ज़रा
समझो
दोस्तों
जब
रो
रहा
था
मैं
,पड़ी
तब
उसकी
रोशनी
इंद्रधनुष
बना
गया
वो
दिल
को
दोस्तों
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