aap ko mashwara diya maine | आप को मशवरा दिया मैंने

  - Nilesh Barai
आपकोमशवरादियामैंने
सोचताहूँ,येक्याकियामैंने
आपपेइकग़ज़लमुकम्मलकी
बादढूंढाहैक़ाफ़ियामैंने
ज़ख़्मदेकरचलेगएहोतुम
ज़ख़्मअबतकनहींसियामैंने
मेरेमरनेकेबादपूछेंगे
अहदयेकिसतरहजियामैंने
आदमीआदमीसेडरताहै,सो
करलियाख़ुदकोभेड़ियामैंने
एवजे-जामरोज़-ओ-शबमेंबस
ख़ूनबसख़ूनहीपियामैंने
इनसवाल-ओ-जवाबकेबदले
शुक्रियाशुक्रियाकियामैंने
  - Nilesh Barai
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