main apne hi munh se ajal kah raha hooñ | मैं अपने ही मुँह से अजल कह रहा हूँ

  - Nilesh Barai
मैंअपनेहीमुँहसेअजलकहरहाहूँ
नहींथीख़बरअपनाकलकहरहाहूँ
केअबहिज्रमेराकटेगातोकैसे
यहीसोचकरइकग़ज़लकहरहाहूँ
तिरीगेसुओंसेढकीहैयेआँखें
मैंआँखोंकोमोती-महलकहरहाहूँ
तुझेगरलगीहैअभीइश्क़कीलत
येआदतअभीसेबदल,कहरहाहूँ
येकैसीमुसीबतमेंडालागयाहूँ
ख़ुदीकेमुसीबतकोहलकहरहाहूँ
मिलेगानहींकोईनक्श-ए-पातुझको
नवाज़िशयेमंजिलबदलकहरहाहूँ
  - Nilesh Barai
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