hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nilesh Barai
tira milnaa na milnaa aur mudda hai
tira milnaa na milnaa aur mudda hai | तिरा मिलना न मिलना और मुद्दा है
- Nilesh Barai
तिरा
मिलना
न
मिलना
और
मुद्दा
है
तिरा
सानी
ही
कम-अज़-कम
नहीं
मिलता
- Nilesh Barai
Download Sher Image
वो
फ़िराक़
और
वो
विसाल
कहाँ
वो
शब-ओ-रोज़-ओ-माह-ओ-साल
कहाँ
Mirza Ghalib
Send
Download Image
39 Likes
आज
मिलना
था
बिछड़
जाने
की
नीयत
से
हमें
आज
भी
वो
देर
से
पहुँचा
है
कितना
तेज़
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
82 Likes
नज़दीकी
अक्सर
दूरी
का
कारन
भी
बन
जाती
है
सोच-समझ
कर
घुलना-मिलना
अपने
रिश्ते-दारों
में
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
34 Likes
थी
वस्ल
में
भी
फ़िक्र-ए-जुदाई
तमाम
शब
वो
आए
तो
भी
नींद
न
आई
तमाम
शब
Momin Khan Momin
Send
Download Image
30 Likes
वस्ल
हो
जाए
यहीं
हश्र
में
क्या
रक्खा
है
आज
की
बात
को
क्यूँँ
कल
पे
उठा
रक्खा
है
Ameer Minai
Send
Download Image
25 Likes
उस
से
मिलना
तो
उसे
ईद-मुबारक
कहना
ये
भी
कहना
कि
मिरी
ईद
मुबारक
कर
दे
Dilawar Ali Aazar
Send
Download Image
25 Likes
दिन
में
मिल
लेते
कहीं
रात
ज़रूरी
थी
क्या?
बेनतीजा
ये
मुलाक़ात
ज़रूरी
थी
क्या
मुझ
सेे
कहते
तो
मैं
आँखों
में
बुला
लेता
तुम्हें
भीगने
के
लिए
बरसात
ज़रूरी
थी
क्या
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
82 Likes
पकड़
में
आती
नहीं
है
कभी
वो
शाख़-ए-विसाल
हम
एक
बोस-ए-गुल
के
लिए
तरसते
हैं
Subhan Asad
Send
Download Image
25 Likes
तेरा
मिलना
ख़ुशी
की
बात
सही
तुझ
से
मिल
कर
उदास
रहता
हूँ
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
62 Likes
चले
भी
आओ
भुला
कर
सभी
गिले-शिकवे
बरसना
चाहिए
होली
के
दिन
विसाल
का
रंग
Azhar Iqbal
Send
Download Image
47 Likes
Read More
आह
जो
मुझ
पर
उछाली
जा
रही
है
हैराँ
हूँ
हर
बार
ख़ाली
जा
रही
है
मुझको
अच्छा
बोल
कर
लाया
गया
था
और
मिरी
ग़लती
निकाली
जा
रही
है
तेरे
चेहरे
ने
ये
बतलाया
है
मुझको
के
मिरी
हर
बात
टाली
जा
रही
है
इश्क़
राएगाँ
है
तो
इतना
बता
दो
क्यूँ
ये
राएगानी
पाली
जा
रही
है
तीरगी
ने
दिल
में
ऐसे
घर
किया
है
लग
रहा
जैसे
दीवाली
जा
रही
है
रफ़्ता
रफ़्ता
याद
तुम
आने
लगी
हो
रफ़्ता
रफ़्ता
रात
काली
जा
रही
है
Read Full
Nilesh Barai
Download Image
4 Likes
आतिश-ए-ग़म
से
न
जल
जाए
कहीं
रूह
फ़ौलाद
किए
जाते
है
Nilesh Barai
Send
Download Image
0 Likes
बुत
-
परस्ती
ये
जहाँ
वालों
की
देखी
जबसे
चाक
-
दिल
को
ले
के
हम
आ
गए
पत्थर
बनने
Nilesh Barai
Send
Download Image
1 Like
मेरी
मौत
पर
ये
शोर
ये
सवाल
आज
क्यूँ
आज
एक
अर्सा
हो
गया
मरे
हुए
मुझे
Nilesh Barai
Send
Download Image
8 Likes
सवालों
में
जवाबों
में
ख़यालों
में
तुझे
ढूंढ़ा
है
तू
बाहम
नहीं
मिलता
Nilesh Barai
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Angdaai Shayari
Mehnat Shayari
Environment Shayari
Dard Shayari
Hijr Shayari