raat ke ba'ad naye din ki sehar aayegi | रात के बा'द नए दिन की सहर आएगी

  - Nida Fazli
रातकेबा'दनएदिनकीसहरआएगी
दिननहींबदलेगातारीख़बदलजाएगी
हँसतेहँसतेकभीथकजाओतोछुपकेरोलो
येहँसीभीगकेकुछऔरचमकजाएगी
जगमगातीहुईसड़कोंपेअकेलेफिरो
शामआएगीकिसीमोड़पेडसजाएगी
औरकुछदेरयूँँहीजंगसियासतमज़हब
औरथकजाओअभीनींदकहाँआएगी
मेरीग़ुर्बतकोशराफ़तकाअभीनामदे
वक़्तबदलातोतिरीरायबदलजाएगी
वक़्तनदियोंकोउछालेकिउड़ाएपर्बत
उम्रकाकामगुज़रनाहैगुज़रजाएगी
  - Nida Fazli
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