yaqeen chaand pe suraj men e'tibaar bhi rakh | यक़ीन चाँद पे सूरज में ए'तिबार भी रख

  - Nida Fazli
यक़ीनचाँदपेसूरजमेंए'तिबारभीरख
मगरनिगाहमेंथोड़ासाइंतिज़ारभीरख
ख़ुदाकेहाथमेंमतसौंपसारेकामोंको
बदलतेवक़्तपेकुछअपनाइख़्तियारभीरख
येहीलहूहैशहादतयेहीलहूपानी
ख़िज़ाँनसीबसहीज़ेहनमेंबहारभीरख
घरोंकेताक़ोंमेंगुल-दस्तेयूँँनहींसजते
जहाँहैंफूलवहींआस-पासख़ारभीरख
पहाड़गूँजेंनदीगाएयेज़रूरीहै
सफ़रकहींकाहोदिलमेंकिसीकाप्यारभीरख
  - Nida Fazli
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