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Alankrat Srivastava
jang men jinhe ab tak tum jhuka na paa.e the
jang men jinhe ab tak tum jhuka na paa.e the | जंग में जिन्हे अब तक तुम झुका न पाए थे
- Alankrat Srivastava
जंग
में
जिन्हे
अब
तक
तुम
झुका
न
पाए
थे
झुक
रही
हैं
वो
सारी
पगड़ियाँ
मोहब्बत
में
- Alankrat Srivastava
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इश्क़
तू
ने
बड़ा
नुक़सान
किया
है
मेरा
मैं
तो
उस
शख़्स
से
नफ़रत
भी
नहीं
कर
सकता
Liaqat Jafri
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इसलिए
लड़ता
है
मुझ
सेे
मेरा
दुश्मन
उसका
भी
मेरे
सिवा
कोई
नहीं
है
Aves Sayyad
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उस
ने
इस
तरह
से
बदला
है
रवय्या
अपना
पूछना
पड़ता
है
हर
वक़्त,
तुम्हीं
हो
ना
दोस्त?
Inaam Azmi
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सूरज
से
जंग
जीतने
निकले
थे
बेवक़ूफ़
सारे
सिपाही
मोम
के
थे
घुल
के
आ
गए
Rahat Indori
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अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
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Tanoj Dadhich
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मैं
चाहता
यही
था
सब
चाह
ख़त्म
हो
अब
फिर
चाहकर
तुम्हें
बदला
ये
ख़याल
मेरा
Abhay Aadiv
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नाज़
क्या
इस
पे
जो
बदला
है
ज़माने
ने
तुम्हें
मर्द
हैं
वो
जो
ज़माने
को
बदल
देते
हैं
Akbar Allahabadi
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जो
दोस्त
हैं
वो
माँगते
हैं
सुलह
की
दु'आ
दुश्मन
ये
चाहते
हैं
कि
आपस
में
जंग
हो
Lala Madhav Ram Jauhar
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है
दु'आ
जल्दी
जन्नत
अता
हो
तुझे
तू
मेरे
इश्क़
का
इश्क़
है
ऐ
रक़ीब
Prit
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आँधियों
से
लड़
रहे
हैं
जंग
कुछ
काग़ज़
के
लोग
हम
पे
लाज़िम
है
कि
इन
लोगों
को
फ़ौलादी
कहें
Ameer Imam
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है
ग़ज़ल
मेरी
पर
है
तेरे
नाम
पर
ला
के
छोड़ा
मुझे
कैसे
अंजाम
पर
सर
झुकाया
न
था
जो
किसी
के
लिए
तेरे
ख़ातिर
झुके
अब
सभी
धाम
पर
लिख
रहा
था
ग़ज़ल
जो
तुम्हारे
लिए
कर
रही
थी
असर
सारी
आवाम
पर
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Alankrat Srivastava
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भरी
आवाज़
से
ही
ग़म
का
अंदाज़ा
लगा
लेना
वो
क्या
है
ना
कि
लड़का
हूँ
सो
खुल
के
रो
नहीं
सकता
Alankrat Srivastava
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बहुत
खोजा
मगर
फिर
भी
किनारा
ना
मिला
मुझ
को
मिला
सबका
मगर
तेरा
सहारा
ना
मिला
मुझ
को
Alankrat Srivastava
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नास्तिक
भी
गर
तेरी
ये
मुस्कुराहट
देख
लें
तो
छोड़
कर
विज्ञान
तेरे
रूप
की
पूजा
करेंगे
Alankrat Srivastava
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कौन
कहता
है
ये
दूर
मुझ
सेे
हो
तुम
तुम
सेे
रौशन
हूँ
मैं
नूर
मुझ
सेे
हो
तुम
Alankrat Srivastava
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