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Alankrat Srivastava
hai ghazal meri par hai tere naam par
hai ghazal meri par hai tere naam par | है ग़ज़ल मेरी पर है तेरे नाम पर
- Alankrat Srivastava
है
ग़ज़ल
मेरी
पर
है
तेरे
नाम
पर
ला
के
छोड़ा
मुझे
कैसे
अंजाम
पर
सर
झुकाया
न
था
जो
किसी
के
लिए
तेरे
ख़ातिर
झुके
अब
सभी
धाम
पर
लिख
रहा
था
ग़ज़ल
जो
तुम्हारे
लिए
कर
रही
थी
असर
सारी
आवाम
पर
- Alankrat Srivastava
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ग़ुबार-ए-वक़्त
में
अब
किस
को
खो
रही
हूँ
मैं
ये
बारिशों
का
है
मौसम
कि
रो
रही
हूँ
मैं
Shahnaz Parveen Sahar
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ज़िंदगी
यूँँ
हुई
बसर
तन्हा
क़ाफ़िला
साथ
और
सफ़र
तन्हा
Gulzar
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तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
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किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
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सुखाई
जा
रही
है
जुल्फ़
धोकर
घटा
या'नी
निचोड़ी
जा
रही
है
Satya Prakash Soni
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सफ़र
पीछे
की
जानिब
है
क़दम
आगे
है
मेरा
मैं
बूढ़ा
होता
जाता
हूँ
जवाँ
होने
की
ख़ातिर
Zafar Iqbal
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प्यार
करने
की
हिम्मत
नहीं
उनके
पास
और
हम
सेे
किनारा
भी
होता
नहीं
बात
सीधे
कही
भी
नहीं
जा
रही
और
कोई
इशारा
भी
होता
नहीं
उसको
उम्मीद
है
ऐश
होगी
बसर
साथ
में
जब
रहेगी
मिरे
वो
मगर
मुझपे
जितनी
मुहब्बत
बची
है
सखी
इतने
में
तो
गुज़ारा
भी
होता
नहीं
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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नहीं
निगाह
में
मंज़िल
तो
जुस्तुजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
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मेरी
हर
बात
बे-असर
ही
रही
नक़्स
है
कुछ
मिरे
बयान
में
क्या
Jaun Elia
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है
अगर
तुमको
यहाँँ
होना
अमर
तो
कहो
ना
यार
ग़ालिब
सी
ग़ज़ल
Alankrat Srivastava
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मैं
इक
दिन
ऊब
कर
लोगों
से
दुनिया
छोड़
देता
पर,
तेरे
गर्दन
पे
रक्खे
तिल
ने
मुझ
को
थाम
रक्खा
है
Alankrat Srivastava
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देहाती
नहीं
वो
हैं
खेतों
के
मालिक
न
भूलो
के
उनके
सहारे
हो
तुम
सब
Alankrat Srivastava
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बिन
तेरे
मेरा
घर
भी
लगे
घर
नहीं
ऐसा
मानो
की
पंछी
हो
पर,
पर
नहीं
जल
महल
हो
या
हो
आगरा
का
किला
तुम
सा
शीतल
नहीं
तुम
सा
सुंदर
नहीं
पार्थ
का
नाम
है
हर
गली
हर
नगर
पर
वो
नैनों
से
बेहतर
धनुर्धर
नहीं
रक्त
बहता
रहा
साँस
थमती
रही
झुक
गया
था
बदन
पर
झुका
सर
नहीं
क्यूँ
मेरी
बेवफ़ाई
पे
हैरान
हो?
मैं
कोई
देवता
या
पयंबर
नहीं
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Alankrat Srivastava
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हफ़्त-क़ुल्ज़ुम
पे
ग़ज़ल
कहनी
है
तेरे
कुमकुम
पे
ग़ज़ल
कहनी
है
Alankrat Srivastava
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