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Alankrat Srivastava
bin tere meraa ghar bhi lage ghar nahin
bin tere meraa ghar bhi lage ghar nahin | बिन तेरे मेरा घर भी लगे घर नहीं
- Alankrat Srivastava
बिन
तेरे
मेरा
घर
भी
लगे
घर
नहीं
ऐसा
मानो
की
पंछी
हो
पर,
पर
नहीं
जल
महल
हो
या
हो
आगरा
का
किला
तुम
सा
शीतल
नहीं
तुम
सा
सुंदर
नहीं
पार्थ
का
नाम
है
हर
गली
हर
नगर
पर
वो
नैनों
से
बेहतर
धनुर्धर
नहीं
रक्त
बहता
रहा
साँस
थमती
रही
झुक
गया
था
बदन
पर
झुका
सर
नहीं
क्यूँ
मेरी
बेवफ़ाई
पे
हैरान
हो?
मैं
कोई
देवता
या
पयंबर
नहीं
- Alankrat Srivastava
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बात
करने
का
हसीं
तौर-तरीक़ा
सीखा
हम
ने
उर्दू
के
बहाने
से
सलीक़ा
सीखा
Manish Shukla
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उस
सेे
ज़्यादा
हो
तुम
मेरे
मन
के
लिए
जितनी
प्यारी
है
राधा
किशन
के
लिए
Alankrat Srivastava
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कभी
कभी
वो
बला
की
हसीन
लगती
है
कभी
कभी
तो
उसे
देखने
का
जी
न
करे
Shadab Asghar
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तुम्हारे
अंदर
छुपी
हुई
इक
हसीन
लड़की
ज़रा
से
काजल
ज़रा
सी
लाली
से
मिल
गई
है
Vishal Bagh
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या'नी
कि
इश्क़
अपना
मुकम्मल
नहीं
हुआ
गर
मैं
तुम्हारे
हिज्र
में
पागल
नहीं
हुआ
वो
शख़्स
सालों
बाद
भी
कितना
हसीन
है
वो
रंग
कैनवस
पे
कभी
डल
नहीं
हुआ
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Kushal Dauneria
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किस
लिए
देखती
हो
आईना
तुम
तो
ख़ुद
से
भी
ख़ूब-सूरत
हो
Jaun Elia
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जिस
से
पूछे
तेरे
बारे
में
यही
कहता
है
ख़ूब-सूरत
है
वफ़ादार
नहीं
हो
सकता
Abbas Tabish
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कितने
हसीं
हो
माशा-अल्लाह
तुम
पे
मोहब्बत
ख़ूब
जचेगी
Zubair Ali Tabish
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सभी
के
दीप
सुंदर
हैं
हमारे
क्या
तुम्हारे
क्या
उजाला
हर
तरफ़
है
इस
किनारे
उस
किनारे
क्या
Hafeez Banarasi
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मुझे
तुम
फूल
देते
हो
मेरे
किस
काम
के
हैं
ये
है
सुन्दर
पर
महक
इन
में
तुम्हारी
तो
नहीं
आती
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Firdous khan
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तुम
सेे
सुंदर
होंगी
तो
होंगी
बस
राधा
रानी
जू
वरना
तो
तीनों
लोकों
में
तुम
सेा
सुंदर
कोई
नईं
Alankrat Srivastava
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काम
की
सीख
दे
भी
रहें
हैं
तो
वो
वो
जो
ख़ुद
हाथ
अपना
मसलते
रहे
Alankrat Srivastava
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मेरी
तन्हाई
घटाने
के
लिए
साथ
में
मेरे
मेरी
तन्हाई
थी
Alankrat Srivastava
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देखते
ही
देखते
मौसम
बदलने
लग
गया
आँख
के
तारे
की
आँखों
में
मैं
खलने
लग
गया
जो
तरक़्क़ी
की
दु'आ
करता
था
मेरी
हाँ
वही
देख
कर
मेरी
तरक़्क़ी
मुझ
सेे
जलने
लग
गया
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Alankrat Srivastava
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मेरा
जीवन
भी
मरण
भी
राम
हैं
और
आख़िर
में
शरण
भी
राम
हैं
Alankrat Srivastava
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