hue sab ke jahaan men ek jab apna jahaan aur ham | हुए सब के जहाँ में एक जब अपना जहाँ और हम

  - Nida Fazli
हुएसबकेजहाँमेंएकजबअपनाजहाँऔरहम
मुसलसललड़तेरहतेहैंज़मीन-ओ-आसमाँऔरहम
कभीआकाशकेतारेज़मींपरबोलतेभीथे
कभीऐसाभीथाजबसाथथींतन्हाइयाँऔरहम
सभीइकदूसरेकेदुखमेंसुखमेंरोतेहँसतेथे
कभीथेएकघरकेचाँदसूरजनद्दियाँऔरहम
मोअर्रिख़कीक़लमकेचंदलफ़्ज़ोंसीहैयेदुनिया
बदलतीहैहरइकयुगमेंहमारीदास्ताँऔरहम
दरख़्तोंकोहरारखनेकेज़िम्मेदारथेदोनों
जोसचपूछोबराबरकेहैंमुजरिमबाग़बाँऔरहम
  - Nida Fazli
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