chahten mausami parinde hain rut badalte hi laut jaate hain | चाहतें मौसमी परिंदे हैं रुत बदलते ही लौट जाते हैं

  - Nida Fazli
चाहतेंमौसमीपरिंदेहैंरुतबदलतेहीलौटजातेहैं
घोंसलेबनकेटूटजातेहैंदाग़शाख़ोंपेचहचहातेहैं
आनेवालेबयाज़मेंअपनीजानेवालोंकेनामलिखतेहैं
सबहीऔरोंकेख़ालीकमरोंकोअपनीअपनीतरहसजातेहैं
मौतइकवाहिमाहैनज़रोंकासाथछुटताकहाँहैअपनोंका
जोज़मींपरनज़रनहींआतेचाँदतारोंमेंजगमगातेहैं
येमुसव्विरअजीबहोतेहैंआपअपनेहबीबहोतेहैं
दूसरोंकीशबाहतेंलेकरअपनीतस्वीरहीबनातेहैं
यूँँहीचलताहैकारोबार-ए-जहाँहैज़रूरीहरएकचीज़यहाँ
जिनदरख़्तोंमेंफलनहींआतेवोजलानेकेकामआतेहैं
  - Nida Fazli
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