dil men aur to kya rakha hai | दिल में और तो क्या रक्खा है

  - Nasir Kazmi
दिलमेंऔरतोक्यारक्खाहै
तेरादर्दछुपारक्खाहै
इतनेदुखोंकीतेज़हवामें
दिलकादीपजलारक्खाहै
धूपसेचेहरोंनेदुनियामें
क्याअंधेरमचारक्खाहै
इसनगरीकेकुछलोगोंने
दुखकानामदवारक्खाहै
वादा-ए-यारकीबातछेड़ो
येधोकाभीखारक्खाहै
भूलभीजाओबीतीबातें
इनबातोंमेंक्यारक्खाहै
चुपचुपक्यूँँरहतेहो'नासिर'
येक्यारोगलगारक्खाहै
  - Nasir Kazmi
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