tum mire khwaab-e-pareshaan ka asar dekho to | तुम मिरे ख़्वाब-ए-परेशाँ का असर देखो तो

  - Nafees Ahmad Sahar
तुममिरेख़्वाब-ए-परेशाँकाअसरदेखोतो
मुज़्महिलसारागुलिस्ताँहैइधरदेखोतो
लब-ओ-आरिज़कीक़समजल्वा-ए-रक़्साँकीक़सम
किसक़दरशोख़हैवोरश्क-ए-क़मरदेखोतो
शिद्दत-ए-तिश्ना-लबीमेंदर-ए-मय-ख़ानापर
रखदियाफिरकिसीमजबूरनेसरदेखोतो
तल्ख़ियाँभूलकेजज़्बातपेक़ाबूरखकर
तुमख़ुदाकेलिएइकबारइधरदेखोतो
क्यासितमइससेज़ियादाकोईहोसकताहै
मौसम-ए-गुलमेंकटेहैंमिरेपरदेखोतो
जिससेगुमराहज़मानेकोज़ियामिलतीहै
इल्म-ओ-इरफ़ान-ओ-हिदायातकावोदरदेखोतो
सबपरेशाँहैंयहाँकौनकहेउनसे'सहर'
तुमग़रीबोंकोकभीएकनज़रदेखोतो
  - Nafees Ahmad Sahar
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