ek hi mazmoon ke kitne hain baab | एक ही मज़मून के कितने हैं बाब

  - Nafees Ahmad Sahar
एकहीमज़मूनकेकितनेहैंबाब
ख़ूनआँसूचीख़वहशतइज़्तिराब
इसतरहचेहरेपेहैउनकेनक़ाब
गहनमेंहोजिसतरहसेआफ़्ताब
वोतोकहिएथामुक़द्दरकाधनी
वर्नाउसकावारतोथाकामयाब
ख़ून-ए-नाहक़कासितम-ईजादसे
वक़्तइकइकबूँदकालेगाहिसाब
सरछुपानेकोसहाराढूँडिए
बस्तियाँआनेकोफिरहैंज़ेर-ए-आब
ज़ह्नकीगहराइयोंमेंझाँककर
देखिएआताहैकैसेइंक़लाब
हुस्नकेदरबारमेंदेखो'सहर'
आइनाकरताहैकिसकोइंतिख़ाब
  - Nafees Ahmad Sahar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy