jo dard-e-jigar men kamii ho to jaanoon | जो दर्द-ए-जिगर में कमी हो तो जानूँ

  - Nadir Shahjahanpuri
जोदर्द-ए-जिगरमेंकमीहोतोजानूँ
क़यामतअगरमुल्तवीहोतोजानूँ
मुक़द्दरमेराबिगड़करबनेगा
किसीकीभीबिगड़ीबनीहोतोजानूँ
मुझेतेरीफ़ुर्क़तमेंजोबे-कलीहै
तुझेभीवहीबे-कलीहोतोजानूँ
शब-ए-ग़ममेंकलमैंनेतारेगिनेहैं
ज़राआँखमेरीलगीहोतोजानूँ
रक़ीबोंकीहरबातकरतेहोपूरी
मिरेसाथमेंमुंसिफ़ीहोतोजानूँ
पस-ए-मर्ग'नादिर'वोआएभीतोक्या
इनायतअगरजीतेजीहोतोजानूँ
  - Nadir Shahjahanpuri
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