dil saraabo se guzar kar shaad rakh | दिल सराबों से गुज़र कर शाद रख

  - Nadim Balkhi
दिलसराबोंसेगुज़रकरशादरख
दश्तमेंदरियाकामंज़रयादरख
सरअसीर-ए-सर-बुलंदीहीरहे
कज-कुलाहीसेमगरआज़ादरख
इसजहाँमेंहैज़वालीहरउरूज
यादइतनासितम-ईजादरख
क़तरा-ए-नाचीज़समझातूजिसे
बंदहैउसमेंसमुंदरयादरख
बातअपनीभूलजातूभूलजा
यादलेकिनहुरमत-ए-अज्दादरख
पासतेशाहोहोकोहकन
दिलमेंलेकिनजज़्बा-ए-फ़रहादरख
तेज़आँधीकेपरिंदउड़नेसेक़ब्ल
शहपरोंमेंसख़्ती-ए-फ़ौलादरख
दिलहमेशासंग-दिलकेसामने
बे-नियाज़-ए-शेवा-ए-फ़र्यादरख
लोचलेतोमुज़्महिल'नादिम'हो
दिलसबाकीयादसेआबादरख
  - Nadim Balkhi
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