aql par us ki gir pada patthar | अक़्ल पर उस की गिर पड़ा पत्थर

  - Nadim Balkhi
अक़्लपरउसकीगिरपड़ापत्थर
जिसनेपार्सकोकहदियापत्थर
क़स्रशीशेकाजबहुआता'मीर
हरतरफ़सेबरसगयापत्थर
संग-ए-मरमरवोकैसेबनसकता
फ़ितरतनजोसियाहथापत्थर
वोबुतोंकोख़ुदाक्यूँसमझे
कामजिसकाहैपूजनापत्थर
दिलकोदिलसेगज़ंदयूँँपहुँची
एकशीशाथादूसरापत्थर
आइनेकानहींमुहाफ़िज़वो
कामजिसकाहैमारनापत्थर
मोमहोतानहींकभी'नादिम'
ख़ुशनुमाहोकिबद-नुमापत्थर
  - Nadim Balkhi
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