ik zameen-doz aasmaañ hooñ main | इक ज़मीं-दोज़ आसमाँ हूँ मैं

  - Nadeem Sirsivi
इकज़मीं-दोज़आसमाँहूँमैं
हाँमिरीजानबे-निशाँहूँमैं
मुझकोतौहीदहोचुकीअज़बर
ला-मकाँकानयामकाँहूँमैं
दस्त-ए-क़ुदरतकीशाह-कारीका
ख़ुदमेंआबादइकजहाँहूँमैं
कबसेआमादासज्दा-रेज़ीपर
आब-ओ-गिलहीकेदरमियाँहूँमैं
मौतसेकहिएआएफ़ुर्सतमें
अभीमसरूफ़-ए-इम्तिहाँहूँमैं
किसतरहसेबनेज़ियादाबात
ज़र्रा-ए-कुनहूँकम-ज़बाँहूँमैं
लौसेबहतीहुईज़ियाहोतुम
लौसेउठताहुआधुआँहूँमैं
जैसेतूमेराराज़-ए-पिन्हाँहै
ऐसेहीतेराराज़-दाँहूँमैं
जिससेलर्ज़ांहैपत्थरोंकावजूद
आईना-ज़ादवोफ़ुग़ाँहूँमैं
मौततोकबकीमरचुकीलेकिन
बज़्म-ए-इम्काँमेंजावेदाँहूँमैं
तुमतसलसुलनईबहारोंका
औरउजड़ीहुईख़िज़ाँहूँमैं
तेरीयादोंकाइसमेंदोशनहीं
बे-सबबआजनीम-जाँहूँमैं
  - Nadeem Sirsivi
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