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Siddharth Saaz
main ghanton aasmaañ men dekhta tha
main ghanton aasmaañ men dekhta tha | मैं घंटों आसमाँ में देखता था
- Siddharth Saaz
मैं
घंटों
आसमाँ
में
देखता
था
ज़मीं
को
पीठ
के
नीचे
लगा
के
- Siddharth Saaz
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लब
पे
आता
था
जो
दु'आ
बन
कर
दिल
में
रहता
है
अब
ख़ला
बन
कर
कितना
इतरा
रहा
है
अब
वो
फूल
तेरे
बालों
का
मोगरा
बन
कर
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Haider Khan
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मेरे
हुजरे
में
नहीं
और
कहीं
पर
रख
दो
आसमाँ
लाए
हो
ले
आओ
ज़मीं
पर
रख
दो
Rahat Indori
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धूप
को
साया
ज़मीं
को
आसमाँ
करती
है
माँ
हाथ
रखकर
मेरे
सर
पर
सायबाँ
करती
है
माँ
मेरी
ख़्वाहिश
और
मेरी
ज़िद
उसके
क़दमों
पर
निसार
हाँ
की
गुंज़ाइश
न
हो
तो
फिर
भी
हाँ
करती
है
माँ
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Nawaz Deobandi
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चाँद
को
देखकर
ये
लगता
है
तुम
मेरी
जान
आसमान
में
हो
Shajar Abbas
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सोचता
हूँ
कि
यूँँ
न
हो
इक
दिन
ये
ज़मीं
कोई
आसमाँ
निकले
Vikas Rana
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कभी
किसी
को
मुकम्मल
जहाँ
नहीं
मिलता
कहीं
ज़मीन
कहीं
आसमाँ
नहीं
मिलता
Nida Fazli
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बाज़
बनना
है
तो
फिर
कद
भूल
जा
आँख
में
रख
लक्ष्य
और
हद
भूल
जा
किसलिए
डरता
है
दीवारों
से
तू
आ
समाँँ
को
देख
सरहद
भूल
जा
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Ajeetendra Aazi Tamaam
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आसमाँ
में
है
ख़ुदा,
क्या
सब
दुआएंँ
आसमाँ
तक
जा
रही
हैं
मेरी
इक
फ़रयाद
पूरी
हो
तो
मैं
मानूँ
वहाँ
तक
जा
रही
हैं
Saahir
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तुम
आसमान
पे
जाना
तो
चाँद
से
कहना
जहाँ
पे
हम
हैं
वहाँ
चांदनी
बहुत
कम
है
Shakeel Azmi
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ये
आसमाँ
में
कोई
बुत
बैठा
भी
है
कि
नईं
या
हम
ज़मीं
के
लोग
यूँँ
ही
चीखते
हैं
बस
Siddharth Saaz
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मुझे
ये
तक
मुयस्सर
है
कि
तुझको
छू
भी
सकता
हूँ
कई
लोगों
का
तो
सपना
है
तुझको
देखते
रहना
Siddharth Saaz
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ग़ज़ल
पूरी
न
हो
चाहे,
मग़र
इतनी
सी
ख़्वाहिश
है
मुझे
इक
शे'र
कहना
है
तेरे
रुख़्सार
की
ख़ातिर
Siddharth Saaz
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तू
बुझा
कर
रख
गया
था
जबसे
इस
दिल
के
चराग़
हमने
इस
घर
में
नहीं
की
रौशनाई
आज
तक
Siddharth Saaz
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तमाम
दुनिया
में
तीरगी
है
मगर
इक
अंदर
की
रौशनी
है
कभी
तो
लगता
है
ख़त्म
कर
दूँ
प
जब
तू
हँस
के
पुकारती
है
तेरा
मोहब्बत
से
हार
जाना
मेरी
मोहब्बत
की
हार
भी
है
तिरे
बिना
ज़िंदगी
ये
हमको
कि
जैसे
खाने
को
दौड़ती
है
तेरे
दीवाने
का
हारना
भी
तेरे
दीवाने
की
जीत
ही
है
मैं
तेरा
होकर
भी
तन्हा
तन्हा
भटक
रहा
हूँ
ये
बेघरी
है
तू
जिसपे
चढ़
के
उतर
गई
थी
वो
दिल
की
कश्ती
वहीं
खड़ी
है
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Siddharth Saaz
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जुदाई
से
जुड़ा
जब
फ़ैसला
लेंगे
तो
सब
सेे
पहले
तेरा
मशवरा
लेंगे
मुहब्बत
के
कहीं
इक
रास्ते
में
हम
भटक
जाएँगे
तो
तेरा
पता
लेंगे
तेरे
होंठो
से
ग़र
इक
काम
लेना
हो
तेरे
होंठो
से
हम
बस
इक
दु'आ
लेंगे
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Siddharth Saaz
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