bayaaz-e-kohna men jiddat bharii tahreer rakhni hai | बयाज़-ए-कोहना में जिद्दत भरी तहरीर रखनी है

  - Nadeem Sirsivi
बयाज़-ए-कोहनामेंजिद्दतभरीतहरीररखनीहै
पुरानीनियाममेंया'नीनईशमशीररखनीहै
फ़सील-ए-फ़िक्रसेगिरताहुआमिस्राउठानाहै
सिरहानेअबमुझेहरदमकिताब-ए-'मीर'रखनीहै
मुझेता-उम्ररंज-ए-क़ैदकोमहसूसकरनाहै
मुझेता-उम्रअपनेपासयेज़ंजीररखनीहै
सजाओख़्वाबकोईरातकीबे-रंगआँखोंमें
अगरबाक़ीदिलोंमेंख़्वाहिश-ए-ता'बीररखनीहै
ख़ुदीसेबे-ख़ुदीकीजंगहैगोयामुझेइसपल
मुक़ाबिलअपनेहीअपनीकोईतस्वीररखनीहै
हमेंअपनेलहूसेदश्तइकगुलज़ारकरनाहै
हमेंता-हश्रज़िंदाअज़्मत-ए-तकबीररखनीहै
उसेदुनियाकेहरग़मसेमुकम्मलपाकतोकरलो
अगरइसदिलमेंबुनियाद-ए-ग़म-ए-शब्बीररखनीहै
  - Nadeem Sirsivi
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