बसीरतोंकानज़रएहतिरामकरतीहै
समाअतोंसेख़मोशीकलामकरतीहै
ख़िज़ाँकाराज़जोआँखोंपेमुन्कशिफ़होजाए
तोज़र्दरुतभीबहारोंकाकामकरतीहै
कहाँकाज़र्फ़कहाँकावक़ारयेदुनिया
निगाहजेबपेरखकरसलामकरतीहै
ज़रूरतेंदर-ए-शाहीपेलेकेजातीहैं
मिरीअनामुझेअपनाग़ुलामकरतीहै
हिसार-ए-सूद-ओ-ज़ियाँसेनिकालदेया-रब
येज़िंदगीमिराजीनाहरामकरतीहै
बुलंद-ओ-पस्तसेपर्वाज़मावराहैमिरी
येकाएनातमुझेज़ेर-ए-दामकरतीहै
ख़ुदाकाशुक्रकिमैंख़ुदसेआश्नाहूँ'नदीम'
मिरीनिगाहमिराएहतिरामकरतीहै