ab apni zaat ka irfaan hone vaala hai | अब अपनी ज़ात का इरफ़ान होने वाला है

  - Nadeem Fazli
अबअपनीज़ातकाइरफ़ानहोनेवालाहै
ख़ुदासराब्ताआसानहोनेवालाहै
गँवाचुकाहूँमैंचालीससालजिसकेलिए
वोएकपलमिरीपहचानहोनेवालाहै
इसीलिएतोजलाताहूँआँधियोंमेंचराग़
यक़ीनहैकिनिगहबानहोनेवालाहै
अबअपनेज़ख़्मनज़ररहेहैंफूलमुझे
शुऊर-ए-दर्दपशेमानहोनेवालाहै
मिरेलिएतिरीजानिबसेप्यारकाइज़हार
मिरेग़ुरूरकासामानहोनेवालाहै
येचोटहैमिरीमुश्किल-पसंदफ़ितरतपर
जोमरहलाथाअबआसानहोनेवालाहै
अगरग़ुरूरहैसूरजकोअपनीहिद्दतपर
तोफिरयेक़तराभीतूफ़ानहोनेवालाहै
बहुतउरूजपेख़ुश-फ़हमियाँहैंअबउसकी
वोअन-क़रीबपशेमानहोनेवालाहै
तूअपनाहाथमिरेहाथमेंअगरदेदे
तोयेफ़क़ीरभीसुलतानहोनेवालाहै
चराग़-ए-दारकीलौमाँदपड़रहीहै'नदीम'
फिरअपनेनामकाएलानहोनेवालाहै
  - Nadeem Fazli
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