kisi ko khaar kisi saans ko babool kiya | किसी को ख़ार किसी साँस को बबूल किया

  - Nabeel Ahmad Nabeel
किसीकोख़ारकिसीसाँसकोबबूलकिया
जोहमनेकार-ए-मोहब्बतकियाफ़ुज़ूलकिया
हमेशाख़ाकउड़ाईहैरास्तोंनेमिरी
इसइंतिज़ारकीशिद्दतनेमुझकोधूलकिया
सजाकेरखदियाकाँटाभीमेरेपहलूमें
किसीबहारनेमुझकोकभीजोफूलकिया
रह-ए-हयातमेंआसाइशोंकोठुकराकर
तुम्हारेदर्दकोमैंनेसदाक़ुबूलकिया
हमेशाफूलोंकोबदलाहैख़ार-ओ-ख़समें'नबील'
किसीभीख़ारकोलेकिनकभीफूलकिया
  - Nabeel Ahmad Nabeel
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