sabhi ke hisse men bebaasi nahin aati | सभी के हिस्से में बेबसी नहीं आती

  - Murli Dhakad
सभीकेहिस्सेमेंबेबसीनहींआती
दर्दकीबातोंपरअबहँसीनहींआती
क़यामतक़यामतसेजुदाहोतीहै
मौतसभीकोएकसीनहींआती
क्यूँलोगहँसतेहँसतेरोदेतेहैं
क्यूँरोतेरोतेकिसीकोहँसीनहींआती
हमज़िन्दगीकोखुशगवारसमझतेहैं
हमकोमगरख़ुदपरहँसीनहींआती
सहजहीरोदेतेहैंकिसीकोरोतादेखकर
हँसतादेखकरमगरहँसीनहींआती
  - Murli Dhakad
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